FBI की मोस्ट वांटेड सूची में शामिल मंजीत सिंह बेदी जालंधर से गिरफ्तार; 6 लाख डॉलर की धोखाधड़ी कर भारत पहुंचा

लुधियाना:

पंजाब के जालंधर में पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है. अमेरिकी जांच एजेंसी FBI की वांटेड सूची में शामिल मंजीत सिंह बेदी को जालंधर कमिश्नरेट पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. बेदी पर अमेरिका की सप्लीमेंटल न्यूट्रिशन असिस्टेंस प्रोग्राम (SNAP) योजना में करीब 6 लाख डॉलर की धोखाधड़ी करने का आरोप है. FBI ने उसे मोस्ट वांटेड फ्रॉडस्टर्स की सूची में शामिल किया था और उसकी गिरफ्तारी में मदद करने वालों के लिए इनाम भी घोषित किया था. पुलिस के अनुसार अमेरिका में कानूनी कार्रवाई का सामना कर रहा बेदी कथित तौर पर कनाडा के रास्ते भारत भाग आया था. अब उसकी गतिविधियों और नेटवर्क की विस्तृत जांच की जा रही है.

ऐसे जालंधर पुलिस के हत्थे चढ़ा फरार आरोपी

जालंधर पुलिस आयुक्त के अनुसार 16 अगस्त 2026 को शहर के एक थाने में धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया था. इसके बाद पुलिस इस मामले की जांच में जुटी हुई थी. इसी दौरान कुछ दिन पहले पुलिस को मंजीत सिंह बेदी के संबंध में विशेष सूचना मिली. जानकारी मिलते ही एक विशेष टीम का गठन किया गया और उसकी गतिविधियों पर नजर रखी गई. पुलिस ने उसे यात्रा के दौरान रोककर गिरफ्तार कर लिया.

FBI की वांटेड सूची में था नाम

पंजाब के डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि मंजीत सिंह बेदी कथित तौर पर अमेरिका की मोस्ट वांटेड फ्रॉडस्टर्स सूची में शामिल था. उस पर SNAP (Supplemental Nutrition Assistance Program) योजना में धोखाधड़ी करने का आरोप है. जांच एजेंसियों के अनुसार बेदी ने 2024 से 2025 के बीच अमेरिकी सरकारी लाभ योजना में करीब 6 लाख अमेरिकी डॉलर की कथित धोखाधड़ी की थी. बताया जाता है कि उसने एक कंपनी के नाम पर यह फर्जीवाड़ा किया था.

अमेरिका से कनाडा और फिर भारत पहुंचा

पुलिस के मुताबिक FBI ने बेदी को जांच में सहयोग करने और अपना पासपोर्ट समेत अन्य दस्तावेज जमा करने के निर्देश दिए थे. हालांकि उसने कथित रूप से इन आदेशों का पालन नहीं किया. जांच में सामने आया कि बेदी अप्रैल 2026 में कनाडा के रास्ते भारत पहुंच गया था. इसके बाद अमेरिकी एजेंसियां उसकी तलाश में जुटी हुई थीं. उसकी गिरफ्तारी को लेकर FBI ने इनाम की भी घोषणा की थी.

भारत में गतिविधियों की जांच शुरू

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अब यह पता लगाया जा रहा है कि भारत लौटने के बाद बेदी किन गतिविधियों में शामिल था. साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि उसके संपर्क किन लोगों से थे और क्या उसका कोई अन्य वित्तीय नेटवर्क सक्रिय था.

डीजीपी बोले, फरार अपराधियों को नहीं मिलेगी शरण

पंजाब के डीजीपी गौरव यादव ने कहा कि पंजाब पुलिस अंतरराष्ट्रीय अपराध नेटवर्क के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही है. उन्होंने कहा कि राज्य पुलिस फरार अपराधियों का पीछा करने और अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध नेटवर्क को तोड़ने के लिए प्रतिबद्ध है.



Prev Post
Next Post