ऐसा मत करो बेटा… मां की आखिरी गुहार, iPhone के लिए सुसाइड से पहले का नया वीडियो आया सामने

आईफोन की EMI चुकाने को लेकर हुई बहस के बाद हंसते-खेलते परिवार में मातम पसर गया. महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर के कोहड्या डोंगर पहाड़ी पर जो खौफनाक मंजर देखने को मिला, उसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है. अब इस घटना का एक और वीडियो सामने आया है. 

वीडियो में देखा जा सकता है कि 19 साल का बेटा 250 फीट ऊंची पहाड़ी की ढलान पर मौत के मुहाने पर खड़ा था और उसकी मां उसे बचाने के लिए उसके सामने हाथ जोड़ती रही, लेकिन सब धरा का धरा रह गया.

वीडियो में मां संगीता की लाचारी साफ नजर आ रही है. वह अपने बेटे कुणाल को बचाने के लिए कभी घुटनों के बल बैठती हैं, तो कभी हाथ जोड़कर उसके सामने नतमस्तक हो जाती हैं. वह जैसे ही उसे पकड़ने के लिए आगे बढ़ती हैं, कुणाल खाई की तरफ एक कदम और बढ़ा देता है, जिससे डरकर मां तुरंत पीछे हट जाती हैं ताकि बेटे का संतुलन न बिगड़े. करीब तीन घंटे तक ये घटनाक्रम चलता रहा.

क्यों आई ये नौबत?

पुलिस और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कुणाल ने हाल ही में एक महंगा आईफोन खरीदा था, जिसकी किश्तें भरने में उसे दिक्कत आ रही थी. इसी बात को लेकर शुक्रवार सुबह कुणाल और उसके पिता मुरलीधर के बीच बहस हुई थी. गुस्से में आकर कुणाल सुबह करीब 10 बजे गांव के पास स्थित कोहड्या डोंगर की पहाड़ी पर पहुंच गया और किनारे पर जाकर खड़ा हो गया. स्थानीय लोगों ने जब उसे देखा, तो तुरंत पुलिस, फायर ब्रिगेड और उसके परिजनों को सूचना दी.

मां संगीता और पिता मुरलीधर रोते-बिलखते मौके पर पहुंचे. मां ने बेटे को भरोसा दिलाया कि सब ठीक हो जाएगा, कर्ज की समस्या भी हल कर लेंगे. लेकिन कुणाल सिर्फ यही कहता रहा “मम्मी, मेरी बात कोई नहीं सुनता. मुझे अब जीने में कोई दिलचस्पी नहीं है. मेरी जिंदगी का कोई हल नहीं है.”

बेटे ने पहाड़ से लगाई छलांग, रोकने गए पिता गिरे, सदमे में मां भी कूद गई, एक झटके में परिवार खत्म

4 सेकेंड के भीतर खत्म हो गईं 3 जिंदगियां

दोपहर के करीब 1 बज चुके थे. पुलिस, गांव के सरपंच और स्थानीय लोगों की तमाम कोशिशें नाकाम हो चुकी थीं. तभी पिता मुरलीधर से रहा नहीं गया और उन्होंने अपने जिगर के टुकड़े को बचाने के लिए आगे बढ़कर उसे खींचने की कोशिश की. लेकिन बदकिस्मती से दोनों का संतुलन बिगड़ गया और पिता-पुत्र एक-दूसरे को पकड़े हुए 250 फीट गहरी खाई में जा गिरे.

अपनी आंखों के सामने पति और बेटे को खाई में समाते देख मां संगीता का कलेजा फट गया. पल भर में सब कुछ गंवा चुकी संगीता ने बिना एक पल गंवाए, महज 4 सेकेंड बाद खुद भी उसी खाई में छलांग लगा दी. पुलिस और गांव वालों के सामने ही पूरा परिवार खत्म हो गया.

घर में अब भी इंतजार कर रहा वफादार बेजुबान

झालटा गांव के एकदंत नगर में यह परिवार करीब चार महीने पहले ही रहने आया था. पड़ोसियों का कहना है कि वे किसी से ज्यादा घुलते-मिलते नहीं थे और अपने काम से काम रखते थे. हालांकि, इस परिवार को अपने पालतू कुत्ते से बहुत प्यार था. परिवार के अंत के बाद अब उस घर में सिर्फ वह बेजुबान कुत्ता बचा है. 

पड़ोसियों ने बताया कि वह कुत्ता खिड़की पर बैठकर टकटकी लगाए अपने मालिकों के लौटने का इंतजार कर रहा है और उसने सुबह से खाना तक नहीं खाया है.

(मोहसिन शेख के इनपुट्स के साथ)

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