दिल्ली विशेष गहन पुनरीक्षण: पूर्व आरबीआई गवर्नर और 125 वर्षीय श्याम मुखीजा को भी एसआईआर नोटिस, कई और भी नाम

रायसीना न्यूज़ का सामान्य समाचार ग्राफिक

दिल्ली में चल रहे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान विवरण में विसंगतियों को लेकर प्रमुख मतदाताओं को नोटिस जारी किए गए हैं। इनमें पूर्व आरबीआई गवर्नर बिमल जालान और पूर्व वायुसेना प्रमुख एनएके ब्राउन शामिल हैं। वहीं 125 वर्षीय मतदाता श्याम मुखीजा को भी नोटिस जारी किया गया है। दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी की वेबसाइट पर जारी सूची के अनुसार, सदर बाजार विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची में मुखीजा का नाम ‘सेल्फ नेम मिसमैच’ के कारण चिह्नित किया गया है। किसी आधिकारिक दस्तावेज में नाम की स्पेलिंग में अंतर या गलती होने को इस श्रेणी में रखा जाता है। वह सूची में सबसे अधिक उम्र के मतदाता बताए जा रहे हैं। 

एसआईआर के तहत करीब 97 लाख मतदाताओं की ड्राफ्ट सूची प्रकाशित होने के बाद 33.13 लाख मतदाताओं को विवरण में विसंगतियों के चलते नोटिस जारी किए गए हैं। इनमें बड़ी संख्या ऐसे मामलों की है, जहां वर्तमान विवरण का वर्ष 2002 की पिछली एसआईआर में दर्ज जानकारी से मिलान नहीं हो पाया। नोटिस पाने वालों में 80 और 90 वर्ष की उम्र के कई मतदाता भी शामिल हैं। इसके अलावा पूर्व उपप्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी, विदेश मंत्री एस. जयशंकर, पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ और चुनाव आयुक्त एसएस संधू समेत कई प्रमुख नाम भी सूची में हैं।

निर्वाचन आयोग ने पिछले वर्ष दिल्ली में 100 वर्ष या उससे अधिक उम्र के मतदाताओं के विवरण के सत्यापन का निर्देश दिया था। वर्ष 2020 में दिल्ली में करीब 150 शतायु मतदाता दर्ज थे। नोटिस का मतलब मतदाता का नाम हटाया जाना नहीं है। संबंधित मतदाताओं को जवाब और दस्तावेज जमा करने का अवसर दिया गया है।

पूर्व आरबीआई गवर्नर बिमल जालान और पूर्व वायुसेना प्रमुख ब्राउन को नोटिस


एसआईआर के दौरान विवरण में विसंगतियों को लेकर पूर्व आरबीआई गवर्नर बिमल जालान और पूर्व वायुसेना प्रमुख एनएके ब्राउन शामिल हैं। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी। यह प्रक्रिया मसौदा मतदाता सूची में 97 लाख से अधिक मतदाताओं को कवर करती है। कुल 33.13 लाख मतदाताओं को विवरण में विसंगतियों के लिए नोटिस मिले हैं। कई मामलों में मतदाताओं का विवरण 2002 के पिछले एसआईआर से मेल नहीं खाया। एनएके ब्राउन को “पिछले एसआईआर से अनमैप्ड” होने के कारण नोटिस जारी हुआ। वह जुलाई 2011 से दिसंबर 2013 तक वायुसेना प्रमुख रहे थे। यह जानकारी दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय द्वारा अपलोड की गई सूची में है।

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