क्या बंगाल में कमजोर होने लगे ऋतब्रत बनर्जी? बागी मुस्लिम विधायक का मोह भंग, ममता के खेमे में वापस लौटे
Raisina News Desk- अगस्त 25, 2026 10:45 AM IST

कोलकाता:
पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की पार्टी जून 2026 में दो धड़ों में बंट गई थी, जब ऋतब्रत बनर्जी TMC के विरोधी धड़े का चेहरा बनकर उभरे और ममता के 50 से ज्यादा विधायक उनके गुट में शामिल हो गए. विधानसभा स्पीकर ने भी ऋतब्रत खेमे को ही विपक्ष की मान्यता दी. लेकिन अब ऋतब्रत बनर्जी को झटका लगा है. ऋतब्रत गुट के बागी विधायक वापस ममता के खेमे में लौटने लगे हैं. ममता का साथ छोड़ ऋतब्रत बनर्जी के खेमे में गए मुस्लिम विधायक कासिम सिद्दीकी ने फिर से दीदी के खेमे में वापसी कर ली है. उनका कहना है कि ममता दीदी ही उनके लिए सबकुछ हैं.ये खबर ममता बनर्जी के लिए किसी बड़ी राहत से कम नहीं है.
उत्तर 24 परगना की आमडांगा विधानसभा सीट से विधायक मोहम्मद कासिम सिद्दीकी ने ऋतब्रत बनर्जी गुट से अलग होने का ऐलान करते हुए ममता बनर्जी के प्रति अपना अटूट भरोसा जताया. उन्होंने कहा कि ऋतब्रत गुट से उनका अब कोई लेना-देना नहीं. उनके इस बयान ने ऋतब्रत बनर्जी की कमजोर होती स्थिति को उजागर कर दिया है.
#WATCH | Kolkata, West Bengal: On leaving the rebel TMC faction led by Ritabrata Banerjee, TMC MLA Mohammad Kasem Siddique says, “It wasn’t the Ritabrata Banerjee group. We were told that we were all with Didi (Mamata Banerjee). We didn’t realize that Ritabrata was separate…… pic.twitter.com/i6ZEpiBfdi
— ANI (@ANI) August 24, 2026
विधायक कासिम ने दावा किया कि उन समेत दूसरे विधायकों को ये कहकर गुमराह किया गया था कि ये गुट दीदी के ही मार्गदर्शन में काम कर रहा है. उनको ये बिल्कुल भी नहीं पता था कि ऋतब्रत बनर्जी का गुट टीएमसी की मूल विचारधारा और शीर्ष नेतृत्व से अलग दिशा में चल रहा है. मुस्लिम विधायक ने कहा कि ममता बनर्जी ने ही उनको विधानसभा तक पहुंचाया है. वह राजनीति के अंतिम क्षण तक दीदी के ही साथ रहेंगे.
मतलब साफ है कि ममता बनर्जी एक बार फिर से अपने बागी विधायकों का भरोसा जीतने लगी हैं. कासिम सिद्दीकी का उनके खेमे में वापसी करना इस दिशा में उनकी पहली जीत है. ममता के हाथ से पहले सत्ता गई और फिर विधायक. सोमवार को फेसबुक लाइव में उन्होंने साफ कर दिया कि वह कोई संन्यास नहीं लेंगी. दीदी ने दो टूक कहा कि बीजेपी को राजनीतिक अंधकार में धकेलने तक वह चुप बैठने वाली नहीं हैं. उन्होंने दावा किया कि 4 महीने में भी बंगाल की जनता बीजेपी का असली चेहरा समझ गई है.
वहीं अब बागी विधायक भी ममता बनर्जी खेमे में वापसी करने लगे हैं. मुस्लिम विधायक कासिम सिद्दीकी का कहना है कि उन्होंने ममता के चेहरे और काम पर वोट मांगे थे. जनता ने भी दीदी के नेतृत्व पर भरेसा जताकर उनको जिताकर विधानसभा पहुंचाया था. उनको ऋतब्रत खेमे में जाने के लिए गुमराह किया गया था. लेकिन अब वह वापस आ गए हैं और ममता दीदी के साथ ही रहेंगे.
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