नोएडा में बनेगा 6 लेन का नया अंडरपास, ग्रेनो से मेरठ-गाजियाबाद, फरीदाबाद तक मिलेगी रफ्तार, FNG एक्सप्रेसवे से कनेक्ट
Raisina News Desk- अगस्त 25, 2026 11:41 AM IST

नोएडा: नोएडा वालों के लिए खुशखबरी है. शहर के सबसे व्यस्त और महत्वपूर्ण चौराहों में शामिल पर्थला चौक पर सिक्स लेन अंडरपास का निर्माण होगा. लगातार बढ़ते हुए ट्रैफिक को देखते हुए हुए ये फैसला लिया गया है. इस अंडरपास के बनने से नोएडा के साथ-साथ फरीदाबाद और गाजियाबाद के लोगों को सीधा फायदा होगा. फरीदाबाद-नोएडा-गाजियाबाद (एफएनजी) कॉरिडोर पर बनने वाला यह सिक्स लेन अंडरपास नोएडा के ट्रैफिक को सुगम, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण परियोजना साबित होगा. इस परियोजना का उद्देश्य पर्थला चौक पर लगने वाले जाम को कम करने के साथ-साथ एफएनजी कॉरिडोर पर वाहनों की आवाजाही को निर्बाध बनाना है.
पर्थला चौक एफएनजी कॉरिडोर और विकास मार्ग के महत्वपूर्ण जंक्शन पर स्थित है. एफएनजी कॉरिडोर के जरिए गाजियाबाद, एनएच-9, मेरठ एक्सप्रेसवे, नोएडा, ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे और भविष्य में फरीदाबाद के बीच कनेक्टिविटी मजबूत होने की उम्मीद है. इस मार्ग पर दिनभर बड़ी संख्या में वाहनों की आवाजाही रहती है. खासकर सुबह और शाम के पीक आवर्स में पर्थला चौक पर ट्रैफिक का दबाव काफी बढ़ जाता है और लोगों को भीषण जाम का सामना करना पड़ता है.
परियोजना में दो सम्प और पर्याप्त पंपिंग व्यवस्था का प्रावधान किया गया है. इससे बारिश और रिसाव के पानी को तेजी से बाहर निकालने में मदद मिलेगी. अंडरपास का निर्माण डायाफ्राम वॉल तकनीक और मौके पर आरसीसी निर्माण के माध्यम से किया जाना प्रस्तावित है. इस तकनीक का इस्तेमाल खुदाई के दौरान आसपास की जमीन और मौजूदा अवस्थापना की स्थिरता बनाए रखने में मददगार माना जाता है.
अंडरपास बनाने के दौरान आसपास की सड़कों और ट्रैफिक व्यवस्था को प्रभावित न करने के लिए भी आवश्यक प्रबंध किए जाएंगे. अंडरपास बनने के बाद पर्थला चौक पर वाहनों के रुकने और चौराहे पर जाम लगने की स्थिति में कमी आने की उम्मीद है. अंडरपास बनने से सेक्टर-66, सेक्टर-71, सेक्टर-121, सेक्टर-122, किसान चौक, छिजारसी और आसपास के इलाकों में रहने वाले लोगों को भी बेहतर कनेक्टिविटी का लाभ मिलेगा.
नोएडा प्राधिकरण के अनुसार परियोजना पूरी होने के बाद यातायात का निर्बाध संचालन, जाम में कमी, यात्रा समय में बचत और सड़क सुरक्षा में सुधार जैसे कई फायदे मिलने की उम्मीद है. तेजी से विकसित हो रहे नोएडा वेस्ट क्षेत्र को देखते हुए यह अंडरपास भविष्य की यातायात जरूरतों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है.