क्लासरूम में नौ साल की बच्ची की मौत: 'सीपीआर मिलता तो बच जाती बेटी, 7 KM दूर अस्पताल क्यों गए?'; पिता के सवाल
Raisina News Desk- नवंबर 05, 2026 12:53 PM IST
छात्रा जब अचेत होकर फर्श पर गिरी तो टीचर ने फौरन छात्रा को उठा लिया। सीसीटीवी फुटेज में दिखता है कि छात्रा को उठाकर डेस्क पर बिठाने का प्रयास किया गया, लेकिन टीचर से बच्ची संभली नहीं और वह डेस्क से नीचे गिर गई। पिता ने बताया कि यदि उनकी बेटी को क्लासरूम में ही सीपीआर दिया जाता तो शायद उसकी जान बच जाती, लेकिन स्कूल में किसी ने उसे सीपीआर देने की कोशिश नहीं की।
परिजनों ने बताया कि यदि एंबुलेंस बुलाकर बच्ची को अस्पताल ले जाया जाता तो शायद उसमें मौजूद डॉक्टर उसे बचाने के प्रयास करता। छात्रा को निजी कार में अस्पताल ले जाया गया। परिवार का आरोप है कि स्कूल प्रशासन ने सब कुछ खुद ही करवा लिया। बच्ची की मौत के बाद मां को काफी देर बाद कॉल किया।
स्कूल के पास एक जूस की दुकान के बाहर छात्रा की मां को स्कूल प्रशासन मिला। उनको बच्ची की मौत के बारे में कुछ नहीं बताया। बाद में अस्पताल पहुंचने पर परिवार को बच्ची की मौत का पता चला। पिता ने कहा कि परिवार को अस्पताल में अकेला छोड़कर स्कूल प्रशासन वहां से चला गया। वहीं, चाचा ने आरोप लगाया कि बच्ची को जानबूझकर स्कूल से संबंध रखने वाले अस्पताल ले जाया गया।