उत्तराखंड के मोहम्मद दीपक को सुप्रीम कोर्ट से राहत, FIR पर लगी रोक
Raisina News Desk- अगस्त 31, 2026 01:05 PM IST

नई दिल्ली:
उत्तराखंड के कोटद्वार के रहने वाले जिम मालिक मोहम्मद दीपक को सुप्रीम कोर्ट से राहत मिली है. सुप्रीम कोर्ट ने दीपक की याचिका पर नोटिस जारी किया है. इसके साथ ही, एफआईआर की कार्रवाई पर अंतरिम रोक भी लगाई गई है. कोर्ट ने जिम मालिक मोहम्मद दीपक की उस याचिका पर नोटिस जारी किया है, जिसमें उन्होंने दक्षिणपंथी कार्यकर्ताओं की शिकायत पर दर्ज आपराधिक मामले को रद्द करने की मांग की है.
मामले की सुनवाई जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने की. सीनियर एडवोकेट ए.एम. सिंघवी ने बेंच के समक्ष दलील देते हुए कहा कि मामले में उनके मुवक्किल के खिलाफ एक व्यापक गैंग ऑर्डर भी लगाया गया है.
क्या है पूरा मामला?
मोहम्मद दीपक से जुड़ा यह मामला जनवरी में हुई उस घटना से जुड़ा है, जिसमें दीपक ने कथित तौर पर कुछ दक्षिणपंथी कार्यकर्ताओं का विरोध किया था. ये कार्यकर्ता एक बुजुर्ग मुस्लिम दुकानदार को उनकी दुकान के नाम को लेकर कथित तौर पर परेशान कर रहे थे. इसी घटना को लेकर कार्यकर्ताओं की शिकायत पर मोहम्मद दीपक के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया गया था.
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इस नाम के पीछे का शख्स…
मोहम्मद दीपक असल में दीपक कुमार हैं, जो पेशे से जिम ट्रेनर हैं. दीपक को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने वाली घटना 26 जनवरी, 2026 को हुई, जब भारत अपना 77वां गणतंत्र दिवस मना रहा था.
कोटद्वार में कुछ हिंदू संगठनों ने ‘बाबा स्कूल गारमेंट्स’ नाम की कपड़ों की दुकान के नाम पर आपत्ति जताई. उनका तर्क था कि ‘बाबा’ शब्द हिंदू धार्मिक परंपरा से जुड़ा है और किसी मुस्लिम दुकानदार को इसका इस्तेमाल नहीं करना चाहिए, खासकर इसलिए क्योंकि शहर में स्थित सिद्धबली बाबा हनुमान मंदिर से भी इसका जुड़ाव माना जाता है.
दुकानदार वकील अहमद ने कहा कि उनकी दुकान करीब 30 साल से चल रही है और पहले कभी किसी ने इस नाम पर आपत्ति नहीं जताई. उन्होंने कहा कि ‘बाबा’ शब्द का इस्तेमाल सभी धर्मों में होता है और यह सिर्फ हिंदू धर्म तक सीमित नहीं है.
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