चीन पर पैनी नजर रखने के लिए भारत ला रहा बेहद खास ड्रोन, अमेरिका से 30 महीने की लीज पर लेगा

हिंद महासागर में बढ़ेगी भारत की निगरानी

NDTV

भारत ने हिंद महासागर में अपनी निगरानी क्षमता को और मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है. रक्षा मंत्रालय ने अमेरिकी कंपनी जनरल एटॉमिक्स एरोनॉटिकल सिस्टम्स (GA-ASI) के साथ भारतीय नौसेना के लिए दो MQ-9B Sea Guardian हाई-एल्टीट्यूड लॉन्ग-एंड्योरेंस (HALE) ड्रोन लीज पर लेने की डील की है. यह डील 30 महीने के लिए की गई है. इसकी कुल कीमत करीब 1943 करोड़ रुपये है.

क्या है इस ड्रोन की खासियत?

  • रक्षा मंत्रालय के अनुसार, MQ-9B सी गार्डियन ड्रोन अत्याधुनिक सेंसर, एडवांस निगरानी सिस्टम और उच्च क्षमता वाले पेलोड से लैस हैं. 
  • इसे दुनिया के सबसे एडवांस लॉन्ग रेंज वाले मानवरहित विमानों में गिना जाता है.
  • यह ड्रोन 35 घंटे से ज्यादा उड़ान भर सकता है.
  • इसे हाई-एल्टीट्यूड ऑपरेशन में तैनात किया जा सकता है.
  • इस ड्रोन से लंबी दूरी की निगरानी, समुद्री गश्त, एंटी-सबमरीन मिशन और ओवर-द-होराइजन टारगेटिंग जैसे टास्क किए जा सकते हैं.

भारतीय नौसेना की बढ़ेगी ताकत

इन ड्रोन की तैनाती से समुद्री निगरानी और मजबूत होगी. नेवी हिंद महासागर क्षेत्र में लगातार निगरानी कर पाएगी. इसके साथ ही  संदिग्ध समुद्री गतिविधियों पर नजर रखना आसान होगा. रीयल टाइम इंटेलिजेंस, सर्विलांस और रिकॉनिसेंस (ISR) क्षमता बढ़ेगी.

पहले से दो सी गार्डियन ड्रोन इस्तेमाल कर रही है नौसेना

भारतीय नौसेना पहले से ही लीज पर लिए गए दो सी गार्डियन ड्रोन का संचालन कर रही है. नए दो ड्रोन शामिल होने के बाद नौसेना के पास इस श्रेणी के कुल चार ऑपरेशनल ड्रोन हो जाएंगे, जिससे समुद्री निगरानी क्षमता और बढ़ेगी.

31 MQ-9B ड्रोन की बड़ी डील का इंतजार

यह समझौता ऐसे समय हुआ है जब भारत अमेरिका के साथ लगभग 4 अरब डॉलर की डील के तहत 31 MQ-9B Predator/Sea Guardian ड्रोन की आपूर्ति का इंतजार कर रहा है. अक्टूबर 2024 में हुई इस ऐतिहासिक डील के तहत भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना को संयुक्त रूप से MQ-9B ड्रोन मिलेंगे.




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