'महिला होना सजा जैसा… रेप-मर्डर की धमकियां मिल रही', NDTV से बोलीं रिया अहीर
Raisina News Desk- अगस्त 20, 2026 09:29 AM IST

मुंबई:
नीट पेपर लीक के खिलाफ हो रहे प्रदर्शनों के दौरान मुंबई पुलिस की वैन रोककर चर्चा में आईं रिया अहीर को रेप और हत्या की धमकियां मिल रही हैं. मामला अब पुलिस तक जा पहुंचा है. इस बीच NDTV को दिए एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में रिया अहीर ने कई गंभीर आरोप लगाए हैं. रिया अहीर के मुताबिक, उनके खिलाफ अभी भी FIR दर्ज है और इसके साथ-साथ सोशल मीडिया पर उन्हें लगातार धमकियों का सामना करना पड़ रहा है.
रिया ने दावा किया कि सोशल मीडिया के जरिए उन्हें रेप और हत्या की धमकियां दी जा रही हैं. रिया ने बताया कि उन्होंने इन धमकियों को लेकर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है और मुंबई पुलिस की ओर से उन्हें दोनों मामलों में आश्वासन दिया गया है.
NDTV से बातचीत में रिया अहीर ने पुलिस कार्रवाई और अपने खिलाफ दर्ज FIR को लेकर नाराजगी जताई. उन्होंने कहा कि प्रदर्शन से जुड़े लोगों के खिलाफ शिकायतों और FIR का सिलसिला चल रहा है, लेकिन इसका असर प्रदर्शनकारियों पर पड़ रहा है.
रिया ने कहा, ‘हम कंप्लेंट-कंप्लेंट खेल रहे हैं. हम सबको सजा दी जा रही है और अगर आप एक महिला हैं, तो आपके ऊपर और आपके चरित्र पर सवाल उठाए जाएंगे.’
उन्होंने यह भी कहा कि उनके खिलाफ दर्ज FIR अभी भी कायम है. उनके मुताबिक, एक तरफ वह FIR का सामना कर रही हैं, वहीं दूसरी तरफ सोशल मीडिया पर उन्हें गंभीर धमकियां मिल रही हैं.
उन्होंने कहा, ‘अभी भी मेरे खिलाफ FIR दर्ज है. सोशल मीडिया पर मुझे रेप और हत्या की धमकियां मिल रही हैं. इसके खिलाफ मैंने शिकायत की है और मुंबई पुलिस ने दोनों मामलों में मुझे आश्वस्त किया है.’
उनका आरोप है कि विरोध प्रदर्शन में शामिल महिलाओं को सिर्फ उनके राजनीतिक या सामाजिक रुख के कारण ही नहीं, बल्कि उनके चरित्र को लेकर भी सोशल मीडिया पर निशाना बनाया जा रहा है.
रिया अहीर ने दावा किया कि महिला प्रदर्शनकारियों को सोशल मीडिया पर अलग-अलग स्पैम अकाउंट्स के जरिए निशाना बनाया जा रहा है. उनके मुताबिक, इन अकाउंट्स से महिलाओं के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां और धमकियां दी जा रही हैं.
उन्होंने कहा, ‘महिला प्रदर्शनकारियों को सोशल मीडिया पर स्पैम अकाउंट्स के जरिए निशाना बनाया जा रहा है. हमने इसे पुलिस के संज्ञान में लाया है.’
यूथ कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल की जॉइंट CP से मुलाकात में भी कथित ऑनलाइन धमकियों और महिला प्रदर्शनकारियों की सुरक्षा का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया.
इस पूरे मामले में अब पुलिस के सामने दोहरी चुनौती है. एक तरफ प्रदर्शन से जुड़े मामलों की कानूनी प्रक्रिया और दूसरी तरफ सोशल मीडिया पर कथित धमकियों तथा महिलाओं को निशाना बनाए जाने की शिकायतों की जांच.
रिया अहीर ने अपने आंदोलन को मिले राजनीतिक समर्थन को लेकर भी अपनी स्थिति स्पष्ट की. उन्होंने कहा कि वह समर्थन करने वाले विपक्षी नेताओं को केवल राजनीतिक विरोधी के तौर पर नहीं देखतीं.
उनका कहना था, ‘मैं उन्हें विपक्ष के तौर पर नहीं देखती. मेरे लिए यह भारत के नागरिक थे, जो एकजुट होकर खड़े हुए थे.’
रिया ने यह भी कहा कि वह अपने साथ हुई घटनाओं को विपक्ष के समर्थन से जोड़कर नहीं देखतीं. उनके मुताबिक, उनके साथ खड़े होने वाले लोगों को उन्होंने नागरिकों की एकजुटता के तौर पर देखा.
रिया अहीर ने FIR को लेकर आरोप लगाया कि इसका इस्तेमाल प्रदर्शनकारियों के मौलिक अधिकारों को दबाने के लिए किया जा रहा था. उन्होंने कहा, ‘वे FIR के जरिए हमारे मौलिक अधिकारों को कुचलना चाहते थे, लेकिन अब ऐसा नहीं होने देंगे.’
उनके इस बयान से साफ है कि वह पूरे मामले को केवल FIR या पुलिस कार्रवाई तक सीमित नहीं मानतीं, बल्कि इसे विरोध प्रदर्शन के अधिकार और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से जोड़कर देख रही हैं.
रिया अहीर ने बातचीत के दौरान महिला प्रदर्शनकारियों के सामने आने वाली ऑनलाइन ट्रोलिंग और धमकियों को लेकर भी चिंता जताई. उन्होंने कहा कि महिला होने के कारण उन्हें अतिरिक्त निशाना बनाया जा रहा है.
रिया ने कहा, ‘एक महिला होना सजा जैसा लग रहा है. सिर्फ इसलिए कि मैं एक महिला हूं, मुझे रेप और हत्या की धमकियां मिल रही हैं.’
उनके मुताबिक, विरोध प्रदर्शन में शामिल महिलाओं के राजनीतिक विचारों पर सवाल उठाने के बजाय उनके चरित्र और निजी जिंदगी को निशाना बनाया जाना गंभीर चिंता का विषय है.
यूथ कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल की जॉइंट CP के साथ मुलाकात के बाद इस मामले में पुलिस की कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी. खासतौर पर सोशल मीडिया पर कथित धमकी देने वाले अकाउंट्स की पहचान, उनके खिलाफ कार्रवाई और महिला प्रदर्शनकारियों की सुरक्षा को लेकर पुलिस क्या कदम उठाती है, इस पर नजर रहेगी.
रिया ने साफ किया कि उनके लिए यह मुद्दा सिर्फ उनके खिलाफ दर्ज FIR तक सीमित नहीं है, बल्कि महिलाओं की सुरक्षा, सोशल मीडिया पर कथित टारगेटिंग और विरोध करने के अधिकार से भी जुड़ा हुआ है.