₹102 में 2 अमरूद vs ₹80 में एक किलो! ऑनलाइन शॉपिंग की, ठेले पर खुल गई पोल

ऑनलाइन किराना और फल-सब्जी मंगाना आज के समय में लोगों की आदत बन चुका है. कुछ ही मिनटों में सामान घर तक पहुंच जाता है, जिससे बाजार जाने की परेशानी नहीं रहती. लेकिन क्या यह सुविधा हमेशा फायदे का सौदा साबित होती है? सोशल मीडिया पर एक युवती द्वारा साझा किया गया अनुभव इस सवाल को फिर चर्चा में ले आया है. युवती ने ऑनलाइन 102 रुपये में दो अमरूद मंगवाए, जबकि उसी शाम स्थानीय फल विक्रेता से 80 रुपये में लगभग एक किलो अमरूद खरीदे.

एक्स पर @Imadvika1 नाम की यूजर ने अपना अनुभव साझा करते हुए बताया कि उसे अमरूद खाने का मन हुआ तो उसने क्विक कॉमर्स ऐप से ऑर्डर कर दिया. कुछ ही समय में डिलीवरी भी हो गई, लेकिन जब पैकेट खोला तो उसमें केवल दो अमरूद निकले. 

शाम को ठेले पर मिली बेहतर डील

यूजर ने बताया कि उसी दिन शाम को वह एक फल विक्रेता के पास पहुंची. वहां उसने 80 रुपये में 8 से 10 अमरूद खरीदे, जिनका वजन एक किलो था. दोनों खरीदारी की तुलना करने पर उसे कीमत में बड़ा अंतर नजर आया.

अपने पोस्ट में यूजर ने लिखा कि ऑनलाइन खरीदारी के दौरान ग्राहक केवल उत्पाद के पैसे नहीं चुकाता, बल्कि सुविधा, पैकेजिंग और डिलीवरी का खर्च भी देता है. यही वजह है कि कई बार ऑनलाइन सामान स्थानीय बाजार की तुलना में काफी महंगा पड़ जाता है.

यूजर ने अपने अनुभव के आधार पर लोगों को सलाह दी कि ऑनलाइन किराना या फल मंगाने से पहले स्थानीय बाजार की कीमतों पर भी एक नजर जरूर डालें. कई बार पास के फल या सब्जी विक्रेता के यहां बेहतर गुणवत्ता और ज्यादा मात्रा कम कीमत में मिल सकती है.

सोशल मीडिया पर शुरू हुई चर्चा

यह पोस्ट वायरल होने के बाद बड़ी संख्या में लोगों ने अपनी राय साझा की. कई यूजर्स ने माना कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म सुविधा तो देते हैं, लेकिन कई उत्पादों पर उनकी कीमतें स्थानीय बाजार से काफी ज्यादा होती हैं. कुछ लोगों ने कहा कि फल, सब्जियों और रोजमर्रा की चीजों में यह अंतर अक्सर देखने को मिलता है.

एक यूजर ने लिखा कि ग्राहक केवल उत्पाद नहीं, बल्कि सुविधा के लिए अतिरिक्त पैसे देता है. वहीं दूसरे यूजर ने कहा कि स्थानीय विक्रेता अक्सर बेहतर गुणवत्ता और अधिक मात्रा उपलब्ध कराते हैं. कुछ लोगों ने आम, सेब और केले जैसे फलों के उदाहरण देते हुए बताया कि उन्होंने भी ऑनलाइन और ऑफलाइन कीमतों में बड़ा अंतर देखा है.  

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