लखनऊ से पटना सिर्फ 4 घंटे में, नए एक्सप्रेसवे से यूपी-बिहार की दूरी होगी कम, दिल्ली-NCR से भी सफर होगा आसान
Raisina News Desk- सितंबर 21, 2026 06:31 PM IST
उत्तर प्रदेश और बिहार के लोगों के लिए बड़ी खुशखबरी है. दोनों राज्यों के बीच की कनेक्टिविटी सुपरफास्ट होने जा रही है. बिहार और यूपी की कनेक्टिविटी बेहतर करने के लिए जल्द ही ‘गाजीपुर-बलिया-मांझीघाट ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे’ (NH-31) शुरू होगा. इस एक्सप्रेसवे पर निर्माण कार्य अंतिम चरण में पहुंच चुका है. करीब 133 किलोमीटर लंबा यह एक्सेस-कंट्रोल्ड कॉरिडोर पूर्वांचल एक्सप्रेसवे को सीधे बिहार की सीमा से जोड़ेगा. इसके शुरू होने के बाद गाजीपुर से मांझी घाट तक का सफर, जो अभी करीब 4 घंटे में पूरा होता है, घटकर सिर्फ डेढ़ घंटे रह जाएगा. इसके साथ ही लखनऊ से 4 घंटे में पटना पहुंच पाएंगे. वहीं दिल्ली-एनसीआर से भी सफर आसान हो जाएगा.
यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ के मुख्य सलाहकार अवनीश अवस्थी ने खुद इस प्रोजेक्ट पर अपडेट दिया है. उन्होंने एक्स पर लिखा, पूर्वी उत्तर प्रदेश में कनेक्टिविटी को नई दिशा मिल रही है. बलिया-मांझी घाट ग्रीनफील्ड कॉरिडोर तेजी से पूरा होने की ओर बढ़ रहा है. यह पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के ज़रिए गाजीपुर, बलिया और बिहार बॉर्डर के बीच एक सीधा और तेज लिंक बनाएगा. UPEIDA की देखरेख में जमीन अधिग्रहण के कुशल काम के साथ, यह कॉरिडोर यात्रा के समय को काफी कम करेगा, स्थानीय व्यापार को बढ़ावा देगा और पूरे क्षेत्र में आवागमन को आसान बनाएगा.
Transforming connectivity across Eastern Uttar Pradesh! The Ballia-Manjhi Ghat Greenfield Corridor is advancing rapidly toward completion, creating a direct high-speed link between Ghazipur, Ballia, and the Bihar border via the Purvanchal Expressway.
Under the leadership of… pic.twitter.com/VXxPoPacKm— Awanish K Awasthi (@AwasthiAwanishK) September 19, 2026
करीब 5500 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा यह 4-लेन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे भविष्य में 6-लेन तक चौड़ा किया जा सकेगा. इसका मुख्य उद्देश्य पूर्वी उत्तर प्रदेश और पश्चिमी बिहार के बीच तेज और निर्बाध सड़क संपर्क उपलब्ध कराना है.
यह कॉरिडोर गाजीपुर जिले के हृदयपुर से शुरू होकर बलिया होते हुए बिहार सीमा स्थित मांझी घाट और रिविलगंज बाइपास तक पहुंचेगा. इसके साथ ही 17 किलोमीटर लंबा बक्सर लिंक भी बनाया जा रहा है, जिससे बिहार के बक्सर तक सीधा संपर्क मिलेगा.
इस प्रोजेक्ट की सबसे बड़ी खासियत इसका पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से सीधा जुड़ाव है. गाजीपुर के हैदरिया में जहां पूर्वांचल एक्सप्रेसवे खत्म होता है, वहां से कनेक्टिंग लिंक रोड के जरिए ट्रैफिक सीधे गाजीपुर-बलिया-मांझीघाट कॉरिडोर पर पहुंच जाएगा.
इससे लखनऊ से बिहार का सफर काफी आसान हो जाएगा. एक्सप्रेसवे शुरू होने के बाद लखनऊ से पटना तक की दूरी करीब 4 से 4.5 घंटे में तय की जा सकेगी, जबकि अभी इसमें 8 से 9 घंटे तक लगते हैं.
यह एक्सप्रेसवे दिल्ली-एनसीआर से भी पटना समेत बिहार के कई जिलों का सफर आसान कर देगा. सीधे-सीधे तो एक्सप्रेसवे दिल्ली से कनेक्ट नहीं होगा, लेकिन अन्य हाई स्पीड कॉरिडोर के जरिए इसकी पहुंच आसान हो जाएगी. दिल्ली से आने वाले लोग यमुना एक्सप्रेसवे, आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के जरिए इस नए ग्रीनफील्ड कॉरिडोर से सफर कर पाएंगे. इस तरह दिल्ली-NCR से पटना तक लगातार एक्सप्रेसवे नेटवर्क तैयार हो जाएगा. माना जा रहा है कि इस एक्सप्रेसवे के बनने के बाद दिल्ली से पटना का सफर घटकर लगभग 12-13 घंटे रह जाएगा.
NHAI के अनुसार प्रोजेक्ट का 84 से 88 प्रतिशत तक काम पूरा हो चुका है. निर्माण कार्य को कई पैकेजों में बांटा गया है.
इस एक्सप्रेसवे के साथ 17 किलोमीटर लंबा बक्सर स्पर लिंक बनाया जा रहा है. इसके जरिए बलिया से आने वाला यातायात सीधे बक्सर पहुंचेगा. आगे चलकर यह मार्ग प्रस्तावित बक्सर-पटना-भागलपुर एक्सप्रेसवे से भी जुड़ेगा. इससे पटना, बक्सर और भागलपुर जैसे शहरों तक पहुंच और आसान हो जाएगी. साथ ही बिहार और पूर्वांचल के बीच आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी. एक्सप्रेसवे के चालू होने से गाजीपुर, बलिया, बैरिया, बक्सर और छपरा जैसे शहरों में व्यापार और निवेश की संभावनाएं बढ़ेंगी.