भोपाल से दिल्ली 9 घंटे में, ग्वालियर, आगरा-मथुरा तक हाईस्पीड कनेक्टिविटी, यूपी-एमपी समेत 4 राज्य जुड़ेंगे

भोपाल से दिल्ली की दूरी अब घटने वाली है. क्योंकि भोपाल से ग्वालियर के बीच बनने जा रहा ग्रीनफील्ड हाईवे एमपी की राजधानी भोपाल की दूरी देश की राजधानी दिल्ली से बेहद कम कर देगा. राज्य सरकार और मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम (MPRDC) की तरफ से तैयार किया जा रहा है यह 4 लाइन ग्रीनफील्ड हाईवे एमपी, यूपी और राजस्थान की कनेक्टिविटी को मजबूत कर देगा. वहीं भोपाल से ग्वालियर की दूरी भी 425 किलोमीटर से घटकर 340 से 350 किलोमीटर के बीच आ जाएगी और सफर 7 घंटे से घटकर 5 घंटे में पूरा किया जा सकेगा. इसके अलावा भोपाल-ग्वालियर ग्रीनफील्ड कॉरिडोर से गुना, शिवपुरी, मुरैना, आगरा, मथुरा जैसे बड़े शहरों की दूरी भोपाल से और कम हो जाएगी. इस हाईस्पीड एक्सप्रेसवे कॉरिडोर को भविष्य में ग्वालियर-भोपाल-नागपुर कॉरिडोर का हिस्सा बनाया जाएगा. 

भोपाल से ये शहर होंगे कनेक्ट

भोपाल ग्वालियर एक्सप्रेसवे के निर्माण से मध्य प्रदेश के ब्यावरा, गुना, शिवपुरी, ग्वालियर तक कनेक्टिविटी होगी. जबकि इससे आगे मुरैना, आगरा, मथुरा और फिर दिल्ली तक इसकी कनेक्टिविटी होगी. क्योंकि यह आगे चलकर यह एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश के यमुना एक्सप्रेसवे और बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे से भी कनेक्ट हो जाएगा. जिससे यूपी और मध्य प्रदेश के बीच कई शहरों की दूरी में कमी आ जाएगी और सफर भी आसान होगा.

भोपाल-ग्वालियर कॉरिडोर के फायदे 

  • भोपाल से ग्वालियर का सफर 4 से 5 घंटे में पूरा होगा और दूरी भी 425 से घटकर 350 किलोमीटर हो जाएगी. 
  • भोपाल से दिल्ली का सफर 14 से 16 घंटे की जगह 8 से 9 घंटे में पूरा होगा. जबकि दूरी में 100 किलोमीटर की कमी आएगी. 
  • इस प्रोजेक्ट से दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से कनेक्टिविटी भी होगी. ग्वालियर छोर पर यह हाईवे आगरा-ग्वालियर एक्सप्रेसवे से जुड़ जाएगा.
  • भोपाल ग्वालियर एक्सप्रेसवे आगे जाकर ग्वालियर-आगरा ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे से कनेक्ट होने से दोनों शहरों की दूरी 1 घंटे में पूरी होगी. 
  • आगरा पहुंचने के बाद वाहन सीधे यमुना एक्सप्रेसवे भी कनेक्टिविटी मजबूत हो जाएगी. 

मध्य प्रदेश के लिए फायदेमंद 

भोपाल और ग्वालियर के बीच बनने वाला यह एक्सप्रेसवे मध्य प्रदेश के बुनियादी ढांचे के लिए जरूरी है. इससे न केवल व्यापार को रफ्तार मिलेगी. बल्कि माल की ढुलाई  में समय की बचत भी होगी. ऐसे में यह केवल एक सड़क नहीं एमपी की उत्तर और मध्य हिस्से की अर्थव्यवस्था को नई रफ्तार देने वाला एक हाई-स्पीड इकोनॉमिक कॉरिडोर है. पुराने हाईवे पर लगातार बढ़ते ट्रैफिक, संकरे रास्तों और हादसों की आशंका को देखते हुए इस नए ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे का खाका तैयार किया गया है, ग्रीनफील्ड का मतलब है कि यह मौजूदा सड़क को चौड़ा करने के बजाय पूरी तरह से नए खेतों और खुले इलाकों से होकर गुजरेगा.

2030 तक पूरा करने का लक्ष्य 

भोपाल-ग्वालियर ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे का निर्माण पूरा करने का लक्ष्य 2029 से 2030 के बीच रखा गया है. मध्य प्रदेश सरकार की तरफ से इसका निर्माण करवाया जा रहा है. जिसके लिए मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम की तरफ से प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. भूमि अधिग्रहण के काम में भी तेजी आ गई है. माना जा रहा है कि सरकार अगले कुछ महीनों में अहम प्वाइंट को पूरा करेगी. जिससे इस हाईवे को रफ्तार मिलेगी. भोपाल-ग्वालियर कॉरिडोर पूरा होने से एमपी की सड़क रफ्तार और तेज होगी.

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