यूपी को 4 हिस्सों में बांटने वाली बात क्यों कही? ओपी राजभर ने NDTV से बताया, OBC आरक्षण में कोटा पर भी बोले

रायसीना न्यूज़ का सामान्य समाचार ग्राफिक

नई दिल्ली:

उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री ओमप्रकाश राजभर अकसर अपने बयानों से चर्चा में रहते हैं. हाल ही में उन्होंने कहा था कि यूपी 4 हिस्सों में बंटेगा तो राजभर का बेटा मुख्यमंत्री बनेगा. इस संबंध में NDTV ने उनसे पूछा तो उनका कहना था क मैंने कोई नया बयान नहीं दिया है. मैं लंबे समय से ऐसी मांग करता रहा हूं. राजभर ने कहा, ‘ यूपी बड़ा राज्य है. लंबे समय से मांग है कि पूर्वांचल, मध्यांचल, बुंदेलखंड और हरित प्रदेश के नाम से अलग-अलग 4 राज्य बनें. जिस दिन ऐसा हुआ, उस दिन पूर्वांचल का सीएम राजभर का बेटा सीएम बनेगा क्योंकि उस समाज की आबादी यहां सबसे ज्यादा है. चाहे जब भी बंटवारा होगा तो पूर्वांचल का पहला सीएम राजभर का बेटा होगा.’

ओमप्रकाश राजभर ने 27 फीसदी आरक्षण में हिस्सेदारी की बात भी की. उन्होंने कहा कि 27 फीसदी आरक्षण को 33 साल हो गया. इस दौरान चार बार सपा और 4 बार बसपा की सरकार बनी. अब तक किसी ने ध्यान नहीं दिया. 2013 में हाई कोर्ट ने कहा था कि 27 फीसदी आरक्षण का लाभ सिर्फ 12 जातियां उठा रही हैं. इसलिए इसमें वर्गीकरण किया जाए. तब अखिलेश यादव सीएम थे और उन्होंने उच्च न्यायालय की बात को नहीं माना. पीएम नरेंद्र मोदी ने रोहिणी आयोग का गठन किया था. उसने वर्गीकरण की बात कही है. 

उनसे NDTV ने पूछा कि यूपी को 4 हिस्सों में बांटने वाली बात एनडीए में क्यों नहीं उठाई. इस पर राजभर ने कहा कि हम एनडीए की बैठकों में मुद्दे उठाते हैं. हमने मांग थी कि जातिवार जनगणना हो और भाजपा सरकार करा रही है. आरक्षण के वर्गीकरण की भी हम बात कर रहे हैं. आखिर पिछड़ों के हर समाज को मौका क्यों न मिले. आरक्षण की सुविधा टाटा और बिरला के लिए तो नहीं है. वह तो कमजोर वर्गों के लिए ही है. उन्होंने कहा कि जो आरक्षण में वर्गीकरण का विरोध करता है, वह पिछड़ों और दलितों का विरोधी है. अखिलेश यादव इस पर चुप हैं. उनके बारे में क्या कहा जाए.  

’24 सालों से उठा रहा हूं यूपी को 4 हिस्सों में बांटने की मांग’

राज्य के बंटवारे की मांग को पहले न उठाए जाने के सवाल पर ओपी राजभर ने कहा कि मैं तो 24 सालों से यह मांग कर रहा हूं. लेकिन विपक्ष को लग रहा है कि मैं इसी समय क्यों ऐसी मांग उठा रहा हूं. उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव तो लंबे समय तक सीएम रहे, लेकिन कभी जातिगत जनगणना की मांग नहीं की थी. आखिर सपा और कांग्रेस बताएं कि वे आरक्षण में बंटवारा क्यों नहीं चाहते. इन लोगों ने जीवन में कभी इस संबंध में बात नहीं की थी और आज भी चुप हैं.  सपा में सीट बंटवारे को लेकर कहा कि वह पहली अपनी अंदरुनी कलह तो दूर करें. तभी चुनाव लड़ेंगे.

राजभर बोले- हरियाणा ने तो कोटे में कोटा लागू भी कर दिया

राजभर ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने भी कोटे में कोटे वाली बात कही थी और हरियाणा ने इसे लागू भी कर दिया है. भाजपा की सहमति न होने को लेकर राजभर ने कहा कि एनडीए में कोई मतभेद नहीं है. सभी का लक्ष्य यही है कि अपने हिस्से को मिलने में कोई परेशानी न हो. उन्होंने कहा कि हर पार्टी का अपना एजेंडा होता है और सभी लोग उसके अनुसार ही बात करते हैं. 


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