‘अंदर तक पहुंच, अटके काम तुरंत…’, PMO अधिकारी बन लोगों से लाखों रुपये ठगने वाला गिरफ्तार | Man arrested for swindling lakhs of rupees by posing as a PMO official



नई दिल्‍ली:

दिल्ली में एक ऐसे कथित ठग का मामला सामने आया है, जिसने खुद को प्रधानमंत्री कार्यालय यानी PMO का बड़ा अधिकारी बताकर कई लोगों को करोड़ों रुपये का चूना लगाया. प्रवर्तन निदेशालय ने इस मामले में यंग बाइट्स (Young Bites) के एडिटर विजय गुप्ता को गिरफ्तार किया है. ईडी का आरोप है कि विजय गुप्ता ने खुद की ऐसी हाई-प्रोफाइल छवि बनाई कि लोग उसे केंद्र सरकार का बेहद प्रभावशाली अधिकारी समझने लगे और इसी भरोसे का फायदा उठाकर उसने कई लोगों से मोटी रकम वसूली.

‘अधिकारियों से सीधी पहुंच, तुरंत करवा दूंगा काम’

ईडी के मुताबिक, यह मामला दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू हुआ. जांच में सामने आया कि विजय गुप्ता खुद को प्रधानमंत्री कार्यालय में तैनात अधिकारी बताता था. वह लोगों से कहता था कि सरकार के बड़े अधिकारियों और मंत्रालयों में उसकी सीधी पहुंच है और वह उनके अटके हुए काम आसानी से करवा सकता है. इसी बहाने वह लोगों से लाखों रुपये लेता था.

PM का करीबी दिखाने के लिए 26 विदेश यात्राएं

जांच एजेंसी के मुताबिक, विजय गुप्ता ने साल 2016 से 2026 के बीच 26 विदेश यात्राएं कीं. इनमें से कई यात्राएं ऐसी थीं, जिनकी तारीख और देश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश यात्राओं से मेल खाते थे. ईडी का आरोप है कि इन यात्राओं का मकसद सिर्फ विदेश घूमना नहीं था, बल्कि लोगों के बीच यह संदेश देना था कि वह प्रधानमंत्री के साथ विदेश दौरों पर जाने वाला कोई बड़ा सरकारी अधिकारी है. इतना ही नहीं, विजय गुप्ता अपने विदेशी दौरों की तस्वीरें, बड़े सरकारी कार्यक्रमों की फोटो और वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों के साथ खिंचवाई गई तस्वीरें सोशल मीडिया और लोगों के बीच साझा करता था. इन तस्वीरों के जरिए वह खुद को सरकार में बेहद प्रभावशाली व्यक्ति के तौर पर पेश करता था, ताकि लोग आसानी से उसके झांसे में आ जाएं.

काम कराने का झांसा देकर लाखों की ठगी 

ईडी की जांच में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं. एजेंसी के मुताबिक, जयपुर के कारोबारी दीपक शाह से विजय गुप्ता ने 7 लाख रुपये लिए थे. बदले में उसने स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय से मेडिकल उपकरणों की मंजूरी दिलाने का वादा किया था. लेकिन पैसे लेने के बाद न तो कोई मंजूरी मिली और न ही काम हुआ. जांच के दौरान एक और गवाह ने ED को बताया कि विजय गुप्ता हमेशा दावा करता था कि वह PMO में बैठता है और उसके पास सरकार के बड़े फैसले करवाने की ताकत है. गवाह के मुताबिक, विजय गुप्ता ने उससे 60 लाख रुपये लिए, लेकिन न तो उसका काम कराया और न ही पैसे वापस किए.

PMLA के तहत कार्रवाई 

ईडी की जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी की आर्थिक स्थिति उसके दावों जैसी नहीं थी. एजेंसी ने बताया कि विजय गुप्ता ने  सारा टाइल्‍स नाम की एक दुकान से सैनिटरी का सामान खरीदा था, जिसकी 14,900 रुपये की बकाया रकम चुकाने के लिए दुकान की ओर से उसे बार-बार मैसेज भेजे जा रहे थे. इससे यह भी सवाल खड़ा होता है कि जो व्यक्ति खुद को PMO का बड़ा अधिकारी बताता था, वह इतनी छोटी रकम तक का भुगतान नहीं कर पा रहा था. ED का कहना है कि विजय गुप्ता ने फर्जी पहचान और सरकारी प्रभाव का झूठा दावा करके लोगों को ठगा और इसी अपराध से कमाए गए पैसों को प्रोसीड्स ऑफ क्राइम के तौर पर इस्तेमाल किया. इसी आधार पर उसके खिलाफ PMLA के तहत कार्रवाई की गई.

ये भी पढ़ें:- IPS शांतनु कुमार ने यूं किया 500 करोड़ के फ्रॉड का खुलासा, इस अफसर से क्यों कांपते हैं साइबर ठग?

इस मामले में विजय गुप्ता ने जमानत की मांग की थी, लेकिन 13 जुलाई को दिल्ली की अदालत ने उसकी जमानत अर्जी खारिज कर दी. अदालत के इस फैसले के बाद ED की हिरासत में उससे आगे भी पूछताछ जारी रहेगी. अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि विजय गुप्ता ने अब तक कितने लोगों को इसी तरह सरकारी अधिकारी बनकर ठगा, कितनी रकम वसूली और क्या इस पूरे फर्जी नेटवर्क में उसके साथ कोई और भी शामिल था. ED को आशंका है कि जांच आगे बढ़ने पर इस मामले में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं.

ये भी पढ़ें:- विज्ञान पर भारी पड़ा अंधविश्वास ! छत्तीसगढ़ के ‘चावल वाले बाबा’ ने नोएडा के डॉक्टर से ठगे 40 लाख रुपये





Source link

Prev Post
Next Post