'मैं चाहता था राहुल गांधी मेरा अनशन खत्म करवाएं', सोनम वांगचुक का बड़ा खुलासा
Raisina News Desk- अगस्त 30, 2026 09:38 PM IST

कॉकरोच जनता पार्टी ने नीट पेपर लीक के खिलाफ जंतर-मंतर पर 20 जून से आंदोलन शुरू किया था. कई सप्ताह तक यह आंदोलन ज्यादा चर्चा में नहीं रहा था, लेकिन 20 जुलाई को संसद सत्र शुरू होने से पहले अचानक गहमागहमी तेज हो गई थी. सोनम वांगचुक लगातार आमरण अनशन पर थे और मंच पर लगातार कई विपक्षी नेता पहुंचने लगे थे. आखिर यह आंदोलन कैसे इतना जोर पकड़ गया और उससे पहले सोनम वांगचुक और सीजेपी क्या सोच रहे थे, यह हर कोई जानना चाहता है. अब इसे लेकर सोनम वांगचुक ने खुद जानकारी दी है.
सोनम वांगचुक कहते हैं कि हमारी पहले रणनीति थी कि 20 जुलाई के प्रदर्शन के बाद हम रुक जाएंगे. हम संसद तक मार्च करेंगे और फिर विपक्ष पर जिम्मेदारी छोड़ेंगे. रांका तो कह रहे थे कि इस मार्च में शायद 10 हजार तक लोग आ जाएंगे, सौरव दास कह रहे थे कि 15000 तक आ सकते थे. उन्होंने तो मुझे मार्च में शामिल होने के लिए व्हीलचेयर की पेशकश भी की थी. मैं चाहता था कि राहुल गांधी मेरा अनशन खत्म करवाएं.
वांगचुक के मुताबिक 20 तारीख के प्रदर्शन को लेकर कोई बड़ी तैयारी नहीं की गई थी. एक साधारण सा प्रदर्शन किया जाना था और बस देश की संसद पहुंचकर विपक्ष के सामने सम्मानजनक एग्जिट लेना था.
SONAM WANGCHUK : “I wanted a graceful exit from the protest.
Our plan was to withdraw the protest on July 20 with a march to Parliament and hand the issue over to the Opposition.
Ranka said 10,000 people might join the march, while Saurav Das said the number could be 15,000.… pic.twitter.com/vvIr7uGAcx
— Cockroaches of India (@CJP_for_India) August 30, 2026
वैसे सोनम वांगचुक ने अभिजीत दिपके को लेकर भी बड़ा बयान दिया है. उन्होंने एक पोडकॉस्ट में कहा कि अगर ऐसा कहा जाए कि अभिजीत दीपके एक राजनीतिक महत्वाकांक्षा के साथ काम कर रहे हैं, तो इसमें कुछ गलत नहीं होगा. वांगचुक ने कहा कि शुरू में लोग भी मुझसे कहते थे कि ये तो राजनीतिक दल से आए हैं, आम आदमी पार्टी से आए हैं, लेकिन मैं उसका ज्यादा इशू नहीं बनाता हूं कि किसी के अतीत में क्या हुआ है. किसी पार्टी से जुड़ा होना, मुझे गलत नहीं लगता है.
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उन्होंने कहा कि जहां तक बात राजनीतिक महत्वाकांक्षा की है तो मैं ये सोचता हूं कि इनकी राजनीतिक महत्वाकांक्षा है, मैंने काफी परख की. राजनीतिक महत्वाकांक्षा होना कोई गलत बात भी नहीं है. हालांकि उन्होंने खुद कोई ऐसी बात नहीं कही है, लेकिन मुझे अपने अनुभव से ऐसा लगता है.